8 April 2026

पुलवामा आतंकी हमले की सातवीं बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी

पुलवामा आतंकी हमले की सातवीं बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी

देहरादून, 14 फरवरी। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने पुलवामा आतंकी हमले की सातवीं बरसी पर सैनिक कल्याण निदेशालय में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने वीर शहीदों को नमन करते हुए पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में देश ने अपने 40 वीर जवानों को खोया था, जिसकी पीड़ा आज भी प्रत्येक भारतीय के हृदय में जीवित है। उन्होंने कहा कि देश अपने वीर शहीदों के बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। उन्होंने नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पुलवामा हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर आतंकी ठिकानों को नष्ट किया।

 

सैनिक कल्याण मंत्री जोशी ने कहा कि बालाकोट एयर स्ट्राइक भारत की सैन्य शक्ति और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है, जिसके बाद शत्रु राष्ट्र भारत की ताकत को हल्के में लेने की भूल नहीं करेगा। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि किसी भी शहीद को हम वापस नहीं ला सकते, लेकिन उनकी वीरता और बलिदान की गाथाएं आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदनशील रहें और हरसंभव सहयोग प्रदान करें।

 

उन्होंने बताया कि पुलवामा हमले में शहीद हुए 40 जवानों में उत्तराखंड के दो वीर सपूत भी शामिल थे। उत्तराखंड की वीरभूमि सदैव अपनी सैन्य परंपरा और शौर्य के लिए जानी जाती रही है। यहां के जवानों का साहस और बलिदान पूरे देश के लिए प्रेरणा है। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार शहीदों के सम्मान और उनके परिजनों की सहायता के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चला रही है और सरकार उनके साथ हर परिस्थिति में खड़ी है।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान मेजर जनरल सम्मी सबरवाल (सेनि), उपनल एमडी ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट (सेनि), उपनिदेशक कर्नल योगेन्द्र कुमार (सेनि), उपनिदेशक विंग कमांडर निधि बधानी (सेनि), शमशेर सिंह बिष्ट सहित कई पूर्व सैनिक एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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